Popular Posts

Friday, 3 February 2017

जरुरी है हर पल की खुशी...

संदीप कुमार मिश्र: मनुष्य की इच्छाएं असीमित और अनंत हैं,जिन्हें पाने की अभिलाषा आज की भागदौड़ भरी जींदगी में हर किसी को है।क्योंकि सपनों को पूरा करने की चाह में एक के बाद एक उपलब्धियों को हासिल करना हमारी जरुरत बन गयी है।वास्तव में ऐसा होना भी चाहिए,तभी हम मंजिल हासिल कर सकते हैं,कुछ पा सकते हैं ।
अक्सर देखा जाता है कि हम अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए निरंतर दौड़ते रहते हैं, भागते रहते हैं,यहां तक कि हमें अपनी और अपनों का भी ख्याल नहीं रख पाते ।जिस वजह से हमें मंजिल तो मिल जाती है,कामयाबी को तो हम पा लेते हैं,अपने ख्वाबों को पंख लगाकर उड़ लेते हैं, लेकिन अपने अक्सर हमसे पीछे छुटते जाते हैं ।

याद रखें-, “पल भर की खुशी से बड़ी है हर पल की खुशी ”

बडे सरल भाव में आप समझ सकते हैं कि इस नश्वर संसार में हम क्षण भर की खुशियों को पाने के लिए हर क्षण की खुशियों को गंवा नहीं सकते।बहुत कुछ हासिल कर लेने से सब कुछ नहीं पाया जा सकता।बहुमुल्य जीवन जिसे ईश्वर ने हमें प्रदान किया है उसकी सार्थकता तभी है जब कामयाबी को हम अपनों के साथ बांट सके,अपनों के साथ आगे बढ़ सके ।
हमें इस बात पर विचार करना होगा कि हम जिस खुशी के लिए लगातार भाग रहे हैं वो किसके लिए है? अगर वो परिवार के लिए है तो क्या हम उन खुशियों को परिवार के साथ बांट रहे हैं या फिर निरंतर एक के बाद एक उस खुशी के लिए दौड़ते जा रहे हैं जिसे हम किसी भी सुरत में पाना चाहते हैं।क्योंकि जब हम कामयाबी की पहली सीढ़ी चढ़ते हैं हमें खुशी मिल जाती है लेकिन सामने जब दूसरी सीढ़ी नजर आती है तो पहली कामयाबी फीकी लगने लगती है।कहने का तात्पर्य है कि क्षण भर की खुशी तो हमें हर कदम पर मिलती रहती है लेकिन उस क्षण भर की खुशी की चाह में हम हर क्षण की खुशी को गंवाते जाते हैं ।
वास्तव में जिस गति से हमें शिखर पर पहुंचने की बेचैनी होती है उसी गति से हमारे अपने भी हमसे दूर होने लगते हैं,क्योंकि हमारे पास समय नहीं होता है अपनो के लिए।हम ये भूल जाते हैं कि सभी खुशियां अपनो के लिए है तो क्या हम आपाधापी भरी जींदगी में उन खुशियों को अपनो के साथ बांट पा रहे हैं।  जीवन में उद्धेश्य होना अच्छी बात है,लेकिन जरुरत है इस बात पर ध्यान रखने की कि इच्छाओं पर नियंत्रण करके ही हम सुख के वास्तविक आनंद को पा सकते है।क्योंकि हमारी आकांक्षाएं-कामनाएं वह दीमक हैं, जो सुखी और शांतिपूर्ण जीवन को खुशियों से दूर कर देती हैं ।
आज हमारे समाज में भौतिक वस्तुओं को पाने की होड़-सी लगी हुई है। अफसोस इस बात का है कि इस अंधी दौड़ में मनुष्य इस कदर भागता जा रहा है कि जीवन में न कहीं पूर्ण विराम रह गया है और ना ही अर्ध-विराम। जिसका परिणाम है कि आज हम तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं ।
खुशियों को बटोरने की चाह में हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि असीमित आकांक्षाएं हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनका अंत तो कभी हो ही नहीं सकता। एक कदम आगे बढ़े नहीं कि दूसरा कदम बढ़ाने की जिज्ञासा मन में उत्पन्न हो जाती। यह जीवन में निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। वर्तमान युग में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे कुछ पाने की चाह ना हो ।
जरुरत है जीवन के इस मूल मंत्र को जानने और समझने की कि क्षण भर की खुशी से बड़ी है हर क्षण की खुशी । क्रमश:……..

Thursday, 29 December 2016

‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का करें जाप:आप पर होगी महादेव की कृपा

संदीप कुमार मिश्र- शिव ही सत्य हैं...शिव ही सुंदर हैं...भगवान शिव की पूजा आराधना कलियुग में विशेष फलदायी है...शिव आदिदेव हैं...महादेव हैं..आशुतोष हैं...भोलेभंडारी हैं...।भगवान शिव के मंत्र ‘ऊं नम: शिवाय’ की महिमा का वर्णन पुराणों में भी किया है...इस मंत्र की महिमा बताई गई है।
कहा जाता है कि प्राचीन काल में हमारे ऋषियों-मुनियों ने ऊं नम: शिवाय मंत्र को मोक्षदायी, शिवस्वरूप और स्वयं शिव की आज्ञा से सिद्ध माना है...। शिव महापुराण में ऊं नम: शिवाय मंत्र की महत्ता का वर्णन किया गया है। ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र विभिन्न प्रकार की सिद्धियों से युक्त है। आदिदेव महादेव के साधकों के मन को प्रसन्न एवं निर्मल करने वाला मंत्र है ऊं नम: शिवाय...। इसका जप करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं...।
किसी भी गृहस्थ को सुख शांति प्राप्ति के लिए शिवलिंग की पूजा अवश्य करनी चाहिए और भगवान शिव के षड्क्षर मंत्र ‘ऊं नम: शिवाय’ का जप करना चाहिए।
वहीं धन धान्य की चाह  रखने वाले साधक को भगवान शिव के शिवलिंग पर बिल्व पत्र और बिल्व फल अर्पित करके पूजा करनी चाहिए।जब भी भक्त शिव जी पर बिल्व पत्र,फल अर्पित करें तो ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जप करते रहें...।।
हमारे धर्म शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि ऊं नम: शिवाय मंत्र सर्वशक्तिमान और ऊर्जा से परिपूर्ण है...जिसका पाठ और ध्यान करने से प्राणी के समस्त दुखों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।क्योंकि शिव का अर्थ ही है कल्याणकारी। लिंग का अर्थ है सृजन। सृजनहार के रूप में उत्पादक शक्ति के चिन्ह के रूप में लिंग की पूजा की जाती है।भगवान भोलेनाथ आप सभी का कल्याण करें।ऊं नम: शिवाय।।

धन-समृद्धि से भर जाएगा आपका घर, करें महामृत्युंज्य मंत्र जाप

संदीप कुमार मिश्र- शिव की साधना जीवन में शांति प्रदान करने वाली है। शिव के साधक को न तो मृत्यु का भय रहता है, न रोग का, न शोक का।शिव तत्व उनके मन को भक्ति और शक्ति का सामर्थ देता है।शिव तत्व का ध्यान महामृत्युंजय के रूप में किया जाता है।इस मंत्र के जप से साधक को शिव की कृपा प्राप्त होती है।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
 भविष्य पुराण यह बताया गया है कि महामृत्युंजय मंत्र का रोज़ जाप करने वाले साधक को अच्छा स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और लम्बी आयु प्राप्त होती है।
महामृत्युंजय मंत्र का महत्व
ॐ त्र्यंबकम् मंत्र के 33 अक्षर हैं…जो महर्षि वशिष्ठ के अनुसार 33 देवताओं के घोतक हैं…।उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु, 11 रुद्र और 12 आदित्यठ, 1 प्रजापति तथा 1 षटकार हैं..।इन तैंतीस देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय मंत्र से निहीत होती है...।जिससे महा महामृत्युंजय का पाठ करने वाला प्राणी दीर्घायु तो प्राप्त करता ही हैं...साथ ही वह नीरोग, ऐश्वर्ययुक्ता धनवान भी होता है...महामृत्युंजय का पाठ करने वाला प्राणी हर दृष्टि से सुखी एवम समृध्दिशाली होता है...। भगवान शिव की अमृतमययी कृपा उस साधक पर निरन्तंर बरसती रहती है जो महादेव के जीवन संजीवनी महामृत्युंजय मंत्र का जाप करता है...।
महामृत्युंजय मंत्र के जप से मनुष्य को आरोग्यवर्धक शक्तियां प्राप्त होती हैं...इसके जप से साधक को मृत्यु का भय नहीं रहता और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है साथ ही किसी भी रोग या बीमारी से ग्रसित व्यक्ति इस मंत्र के नित्य जाप से स्वस्थ होना शुरु हो जाता है। यदि साधक के कुंडली में किसी भी तरह से मृत्यु दोष या मारकेश है तो कहा जाता है कि महामृत्युंजय मंत्र के जाप से वो दूर हो जाता है।वहीं  इस मंत्र का जप करने से किसी भी तरह की महामारी से बचा जा सकता है,पारिवारिक कलह, संपत्ति विवाद से बचाता है महामृत्युंजय का अचूक मंत्र ।

मंत्र का अर्थ त्रयंबकम = त्रि-नेत्रों वाला (कर्मकारक) यजामहे = हम पूजते हैं, सम्मान करते हैं, हमारे श्रद्देय सुगंधिम= मीठी महक वाला, सुगंधित (कर्मकारक) पुष्टि = एक सुपोषित स्थिति,फलने-फूलने वाली, समृद्ध जीवन की परिपूर्णता वर्धनम = वह जो पोषण करता है, शक्ति देता है, (स्वास्थ्य, धन, सुख में)
वृद्धिकारक; जो हर्षित करता है, आनन्दित करता है, और स्वास्थ्य प्रदान करता है, एक अच्छा माली उर्वारुकम= ककड़ी (कर्मकारक) इव= जैसे, इस तरह बंधना= तना (लौकी का); ("तने से" पंचम विभक्ति - वास्तव में समाप्ति -द से अधिक लंबी है जो संधि के माध्यम से न/अनुस्वार में परिवर्तित होती है) मृत्युर = मृत्यु से मुक्षिया = हमें स्वतंत्र करें, मुक्ति दें मा= न अमृतात= अमरता

शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र का जप करने के लिए सुबह 2 से 4 बजे का समय सबसे उत्तम माना गया है, लेकिन अगर आप इस वक़्त जप नहीं कर पाते हैं तो सुबह उठ कर स्नान कर साफ़ कपडे पहने फिर कम से कम पांच बार रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करें। मंत्र का जाप कैसे करें जप के समय पूरे ध्यान से साथ इस मंत्र का उच्चारण करें। ध्यान रहे इस मंत्र का जप करते वक़्त किसी भी अन्य बात को अपने दिमाग ना आने दें।

तिलक लगाने का क्या है महत्व...?

संदीप कुमार मिश्र- हिन्दू धर्म में तिलक करने का विशेष महत्व है...संत परंपरा की बात करें तो इससे संतो महात्माओं के संप्रदाय के बारे में पता चलता है...तिलक लगाने से वैष्णव की पहचान होती है तिलक से ही संतों के संप्रदाय की पहचान होती है।वहीं तिलक केवल धार्मिक मान्यता नहीं है...बल्कि कई वैज्ञानिक कारण भी हैं इसके पीछे...तिलक केवल एक तरह से नहीं लगाया जाता...हिंदू धर्म में जितने संतों के मत हैं... जितने पंथ है, संप्रदाय हैं...उन सबके अपने अलग-अलग तिलक होते हैं...।
हमारे शरीर में सात सूक्ष्म ऊर्जा के केंद्र होते हैं... जो अपार शक्ति के भंडार हैं...इन्हें चक्र कहा जाता है...माथे के बीच में जहां तिलक लगाते हैं...वहां आज्ञाचक्र होता है...यह चक्र हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है...जहां शरीर की प्रमुख तीन नाडि़यां इड़ा, पिंगला व सुषुम्ना आकर मिलती हैं... इसलिए इसे त्रिवेणी या संगम भी कहा जाता है...यह गुरु स्थान कहलाता है...यहीं से पूरे शरीर का संचालन होता है...यही हमारी चेतना का मुख्य स्थान भी है...इसी को मन का घर भी कहा जाता है...।

तिलक लगाने में सहायक हाथ की अलग-अलग अंगुलियों का भी अपना महत्व है।

अनामिका शांति दोक्ता,मध्यमायुष्यकरी भवेत्। अंगुष्छठ:पुष्टिव:प्रोत्त,तर्जनी मोक्ष दायिनी।।
कहने का अर्थ है कि तिलक धारण करने में अनामिका अंगुली मानसिक शांति प्रदान करती है... मध्यमा अंगुली मनुष्य की आयु वृद्धि करती है...अंगूठा प्रभाव, ख्याति और आरोग्य प्रदान करता है... इसलिए विजयतिलकअंगूठे से ही करने की परम्परा है...तर्जनी मोक्ष देने वाली अंगुली है...इसलिए मृतक को तर्जनी से तिलक लगाते हैं...।
इस प्रकार से तिलक का विशेष महत्व हमारे हिन्दू धर्म में बताया गया है...जिसके सकारात्मकता और सार्थकता की पुष्टी विज्ञान भी करता है।।

Thursday, 22 December 2016

क्या 2017 में यूपी में हो पाएगा ‘माया राज’...?

संदीप कुमार मिश्र: सभी सियासी दलों की अपनी गणित अपने दावे।किसी भी पार्टी का दावा जीत से कम नहीं। दावे पूर्ण बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाने के,दावे यूपी का विकास करने के।सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी के अपने दावे तो वहीं कमल का फूल खिलाना बीजेपी का सपना, साथ ही हाथी पर सवार सुश्री मायावती दौड़ने और सभी सियासी पार्टीयों को यूपी से दौड़ाकर भगाने को आतुर।कांग्रेस के बारे में आप खुद ही निर्धारित करें।क्योंकि मेरा मुल्यांकन कांग्रेस को लेकर कमजोर पड़ सकता है।
दरअसल जो सबसे पुख्ता दावा आम जनता को नजर आ रहा था वो है बीजेपी और बीएसपी का।फिलहात बीएसी के दावों की हकीकत जानने के लिए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हजारों लोगों से जानने के बाद जो निष्कर्ष निकला वो कुछ इस प्रकार से है- 


आपको याद होगा कि साल 2007 में ब्राह्मणों, मुसलमानों और दलितों का फैविकोल का मजबूत गठजोड़ बनाकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने इतिहास रचा था, और यूपी की सत्ता पर काबिज हुई थीं।आपको थोड़ा अतित में लेकर चलें तो इसी प्रकार के गठजोड़ का नतीजा था कि आजादी के बाद से चार दशक तक कांग्रेस यूपी की सत्ता पर काबिज रही।लेकिन साल 1992 में अयोध्या में हुए बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद कांग्रेस ने फिर कभी पलटकर यूपी की सत्ता हासिल नहीं कर पाई।
वहीं बसपा ने यूपी में तकरीबन 14 साल के सत्ता के गठबंधन का वनवास तोड़ते हुए साल 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल रही।जिसका परिणाम निकला कि मायावती की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर होने लगी।मायावती का कद देश की सियासत में बढ़ गया।लेकिन उसे कायम रखने में मायावती सफल ना हो पाई और शनै: शनै: उनका ग्राफ गिरता गया।यहां पर ये जानना भी जरुरी है कि सत्तामद में मायावती ये भूल गई थी कि जिस दलित वोट को वो अपनी जागीर समझती हैं वो दूसरी तरफ भी जा सकता है।
हुआ भी कुछ ऐसा ही! 2007 पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बाद भी 2012 में हुए चुनाव में प्रदेश की जनता ने सत्ता से बसपा को उखाड़ फेका और सपा को सत्ता की चाभी सौंप दी।जिसको 2014 के आम चुनाव में मोदी लहर ने इस प्रकार से उखाड़ फेका कि बसपा का एक भी सांसद लोकतंत्र के मंदिर संसद का दर्शन तक नहीं कर पाया।ऐसी हार की उम्मीद ना तो सपने में भी मायावती ने किया था और ना ही ऐसी जीत की उम्मीद बीजेपी को थी। खैर देश ने 2014 में इतिहास बनते और बिगड़ते देखा...।
अब एक बार फिर 2017 में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं।सभी सियासी दल चुनावी अखाड़े में दो-दो हाथ करने को तैयार है।मायावती के संबंध में अधिकांश लोगों का कहना है कि महिलाओं में उनकी छवी एक सशक्त महिला की है, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि माया राज में कानून व्यवस्था अच्छी रहती है।लेकिन इन विचारों के उलट ऐसे भी लोग हैं जिनका कहना है कि माया राज में अन्य जाति के लोगों पर अत्याचार होता है।कुछ लोगों का ये भी कहना कि मायावती जब सत्ता में आएंगी तो अपनी मुर्तियां बनवाने,अफसरों के तबादले के अलावा उनके पास कोई दूसरा काम नहीं है।
ऐसे में जब हमने जानने कि कोशिश की बसपा समर्थक से तो समर्थकों का भी कहना था कि मोदी के विकास के नारे ने बहन जी का रास्ता थोड़ा मुश्किल जरुर कर दिया है और 2014 की हार से तो बहुत बड़ा नुकसान हुआ ।नहीं तो यूपी की सत्ता पर हाथी ही विराजमान होता ।
मायावती को सत्ता तक ना पहुंचने देने की राह में एक सबसे बड़ा रोड़ा सीएम अखिलेश यादव भी हैं, जिनकी छवी उनके कुनबे से अलग हटकर साफ और बेदाग है।जैसे-जैसे यूपी का संग्राम छिड़ने का वक्त नजदीक आ रहा है,वैसे-वैसे अखिलेश की छवी और..और..बेहतर होती जा रही है। वहीं बीजेपी का दलित प्रेम लगातार बढ़ता जा रहा है,जिसकी वजह से भी हाथी की चाल प्रदेश में धीमी पड़ती जा रही है।
नोटबंदी देश में इस समय सबसे ज्वलंत मुद्दा है,जिसकी जद् मे हर आम-ओ-खास है।आम आदमी परेशान है, लेकिन खुल कर कोई भी केंद्र सरकार की आलोचना नहीं कर रहा है,क्योंकि आम जनमानस अपने दुख से कम दुखी और नेताओं के कालेधन का सत्यानाश हो जाएगा,इस बात को लेकर ज्यादा खुश है।नोटबंदी ने यूपी की सियासत में भी खुब भूचाल मचाया है,जिससे कि सभी पार्टियां हताश और परेशान है,खासकर मायावती।क्योंकि लोगों का ऐसा मानना है कि मायावती के पास खुब कालाधन है।
यहां तक कि कई मायावती समर्थक भी मानते हैं कि यूपी में मुकाबला त्रिकोणीय है। तीन लोकप्रिय नेताओं- मोदी, मायावती और अखिलेश में कांटे की टक्कर होगी यूपी में।
बहरहाल दिलचस्प लड़ाई देखने के लिए आप भी तैयार रहें और हम भी।भविष्य में किसी गठबंधन से भी इनकार नही किया जा सकता।सत्ता और सियासत के खेल में कुछ भी संभव है।हम सब जानते हैं कि देश की सियासत में यूपी का क्या महत्व है और 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी की क्या अहमियत है। इसलिए कम से कम मायावती अपने कोर वोट को इकट्टा करना जरुर चाहेंगी जो कि 2014 में उनसे दूर चला गया था।
अंतत: मायावती के लिए भी यूपी की सत्ता पर काबिज होना इतना आसान नजर नहीं आ रहा है,जितना कि नोटबंदी के पहले था और आगे भी केंद्र सरकार की तमाम योजनाएं क्या रंग और गुल उत्तर प्रदेश में खिलाती हैं ये देखने वाली बात होगी।और ऐसे भी मोदी जी कहते हैं कि कम से कम उनकी राजनीति सुझबुझ पर किसी को शक नहीं करना चाहिए।इस बात को यूपी के लिहाज से देखें तो और बल मिलता है, क्योंकि वो खुद सांसद यूपी से ही हैं।

Monday, 12 December 2016

राशिफल 2017: क्या कहते हैं आपको सितारे(मकर,कुंभ,मीन राशि)4

संदीप कुमा मिश्र: नमस्कार दोस्तों,नव वर्ष 2017 आपके जीवन में खुशहाली,उन्नती और तरक्की लेकर आए।ऐसे में ये जानना आपके लिए बेहद जरुरी है कि आने वाला साल 2017 आपके लिए कैसा रहेगा।क्या बदलाव होंगे जीवन में,उन्नती और तरक्की कैसे चूमेगी आपके कदम,शिक्षा,व्यापार,परिवार,रोजगार में कैसे मिलेगी सफलता।तो चलिए जानते हैं कि प्यार, व्यापार-क़ारोबार, स्वास्थ्य और संतान आदि के बारे में क्या कहते हैं आपके सितारे? साथ ही जानते हैं कुछ खास उपाय जिनसे होगा आपकी परेशानियों का समाधान।
मकर राशिफल 2017
मकर राशि वालों के लिए साल 2017 में आर्थिक स्थिति सामान्य ही रहेगी।फालतू व्यय से बचें।क्योंकि आपका भविष्य आपकी बचत से ही निर्धारित होगा।किसी भ प्रकार के रुपये-पैसे के लेन-देन में सतर्कता बरतें।काम धंधा करने वाले लोगों के लिए 2017 बेहतर होगा। पैतृक संपत्ति मिलने या लॉटरी आदि से अचानक धन लाभ के योग बने हुए हैं। यह वर्ष छात्रों के लिए ख़ास साबित हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को काफ़ी अवसर मिलेंगे। प्रमोशन और अच्छी नौकरी के साथ आपको कार्य-स्थल पर पूरा सम्मान मिलने के आसार हैं। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें कुछ समय का इंतज़ार करना चाहिए। वर्ष के अंत में शिक्षा प्राप्ति में आ रहे व्यवधान अवश्य ही कम होंगे व भाग्य साथ देगा। उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु आपकी विदेश जाने की संभावनाएँ हैं। पारिवारिक स्थिति इस वर्ष सामान्य बनी रहेगी। माता-पिता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।
कुम्भ राशिफल 2017
कुंभ राशि के जातकों के लिए साल 2017 अपार खुशियां लेकर आएगा।आपके सभी काम बन जाएंगे।विरोधी भी आपको सलाम करेंगे।आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी।एक बात का ध्यान रखें कि जब भी किसी की आर्थिक रुप से सहयोग करें तो अपनी जेब जरुर देख लें।फ़िज़ूलख़र्ची ना ही करें तो अच्छा है,परेशानी हो सकती है।धन को दुर्दिन के लिए बचा कर रखें।साल 2017 के मध्य में रुपये पैसे के लेनदेन में सजग रहें।प्रॉपर्टी संबंधी लेनदेन के कार्यों में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।व्यापार,रोजगार से जुड़े लोगों के लिए साल 2017 बहुत ही अच्छा होगा। साल के अंत में कुछ परेशानियां आ सकती हैं लेकिन वो अल्पकालिक होगी।छोटी मोटी बातों को ध्यान ना दे तो साल 2017 आपके लिए बहुत अच्छा होने वाला है।नौकरी की दिशा में अगर आप प्रयास कर रहे हैं तो सफलता अवश्य मिलेगी।वहीं नौकरी में प्रमोशन के भी योग हैं, इसलिए मेहनत करते रहें और निराश को अपने पास ना आने दें।
मीन राशिफल 2017

मीन राशि वाले साल 2017 में हर कदम सोचसमझ कर उठाएं।अपनी क्षमता के अनुसार ही निर्णय लें।किसी लंबी यात्रा की तैयारी में हो विचार कर के ही निकलें।किसी नए संबंधी या मित्र पर तुरंत विश्वास ना करें।साल के मध्य से आय के नए स्रोत बनते नजर आ रहे हैं।विरोधी आप पर हावी नहीं हो पाएंगे। मानसिक श्रम ज्यादा करने से बचें,आपकी सेहत के लिए बेहतर होगा।अपनी सफलता का राज कभी भी किसी अपने को ना बताएं।किसी खास रिश्तेदार या फिर किसी अपने से मुलाकात संभव है।मेहनत और इमानदारी से किए हुए सभी काम में आपको सफलता मिलेगी।इस वर्ष आपको कोई पुरस्कार भी मिल सकता है।आपका सकारात्मक नजरिया आपको लगातार आगे लेकर जाएगा।दूसरे लोग आपके कामकाज से प्रभावित होंगे। कुछ नया सिखने की जिज्ञासा भी आपमें देखने को मिलेगी,जिससे आय के नए श्रोत बनेंगे ।एक बात का विशेष ध्यान रखें कि जब तक आपको नई नौकरी न मिले पुरानी नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बारे में कभी न सोचें।

राशिफल 2017: क्या कहते हैं आपको सितारे(तुला,वृश्चिक,धनु राशि)3

संदीप कुमा मिश्र: नमस्कार दोस्तों,नव वर्ष 2017 आपके जीवन में खुशहाली,उन्नती और तरक्की लेकर आए।ऐसे में ये जानना आपके लिए बेहद जरुरी है कि आने वाला साल 2017 आपके लिए कैसा रहेगा।क्या बदलाव होंगे जीवन में,उन्नती और तरक्की कैसे चूमेगी आपके कदम,शिक्षा,व्यापार,परिवार,रोजगार में कैसे मिलेगी सफलता।तो चलिए जानते हैं कि प्यार, व्यापार-क़ारोबार, स्वास्थ्य और संतान आदि के बारे में क्या कहते हैं आपके सितारे? साथ ही जानते हैं कुछ खास उपाय जिनसे होगा आपकी परेशानियों का समाधान।
तुला राशिफल 2017
तुला राशि वालों के लिए साल 2017 आर्थिक नजरिये से बेहतर रहेगा।साल 2017 की शुरुआत में धन प्राप्ती के प्रबल योग बनते नजर आ रहे हैं।साथ ही अचानक भी धन मिलने के योग बनते नजर आ रहे हैं।किसी प्रकार का निवेश करना चाहते हैं तो तो समय अच्छा बना रहेगा,लाभ अवश्य होगा।नए साल के अंत में किसी भी प्रकार के बड़े निवेश से अवश्य बचें और निवेश करना ज्यादा जरुरी हो तो सोच समझ कर ही करें।किसी भी प्रकार के लेनदेन में सावधानी अवश्य बरतें क्योंकि जींदगी की राह में बड़े धोखें हैं।जमीन की खरीद फरोख्त में बड़ों की सलाह अवश्य लें।ज्यादा व्यय और कर्ज लेने से बचें।परिवार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।आपका शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा,क्योंकि आप पर ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहेगी।अपने पारिवारिक जीवन को सदैव सुखमय बनाने का हर संभव प्रयास करें।किसी प्रकार के अपव्यय और दुर्व्यवहार से अवश्य बचें।जीवन में खुशियां बनी रहेगी।
वृश्चिक राशिफल 2017
वृश्चिक राशि वालों के लिए निश्चित तौर पर साल 2017 आय के नए रास्ते खोलेगा।किसी भी प्रकार के लेनदेन में सावधानी बरतें,कोताही कतई ना करें, क्योंकि एक संकेत ये भी नजर आ रहा है कि आमदनी से अधिक आप खर्च कर सकते हैं। ऑफ़िस में किसी बड़े अधिकारी का सहयोग आपको मिलेगा। आपके लिए अच्छी कबर है कि आपका रुझान शुभ कार्यों की तरफ होगा। मित्रों का परस्पर सहयोग आपके साथ बना रहेगा। आपका स्वास्थ्य बेहतर होगा और आपका पराक्रम भी बढ़ेगा। वैवाहिक जीवन भी अच्छा रहेगा।आपके द्वारा लिया गया निर्णय फायदेमंद होगा।लोगों से आपका जनसंपर्क भी बढ़ेगावृश्चित राशि के जातक की संताने शिक्षा में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।विद्यार्थी किसी नये पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाह रहे हैं तो समय उनके अनुकूल रहेगा। परीक्षाओं में सफलता के भी प्रबल योग है। आपका पारिवारिक जीवन साल 2017 में बहुत ही अच्छा रहेगा।
धनु राशिफल 2017

धनु राशि वालों के लिए,खासकर व्यापारियों के लिए साल 2017 विशेष लाभदायक रहेगा,लेकिन साल के अंतिम नो में निवेश से बचें तो बेहतर होगा। साल के शुरुआत के 2-4 महिने थोड़ी आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन साल के अंत में ये समस्या खत्म हो जाएगी।आर्थिक लेन-देन में सतर्क रहने की जरुरत है।विद्यार्थियों के लिए नव वर्ष बेहतर होगा।किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के पूर्ण योग बनते नजर आ रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी साल 2017 शुभ संकेत दे रहा है।प्रमोशन के अच्छे अवसर नजर आ रहे हैं।अपने सीनियर की तरफ से आपको प्रोत्साहन मिलेगा,जिससे आय के स्त्रोत और बेहतर होंगे।जाहिर तौर पर आपके बेहतर प्रदर्शन का असर आपके सुनहरे भविष्य पर पड़ेगा। इस साल यात्रा के योग भी बन रहे हैं।खासकर धार्मिक स्थानो की ओर जा सकते हैं।

वैश्विक बदलावों के बीच भारत: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिकता का समन्वय

 आज का भारत एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहाँ वह अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों को छोड़े बिना आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम महाशक्ति बनने की ओर अ...