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Wednesday, 13 March 2019

होली 2019: जानिए कब है होली,क्या है होलिका दहन का शुभ मूहूर्त



संदीप कुमार मिश्र: रंगो का त्योहार होली...सनातन धर्म प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखता है होली।विशेष तौर पर इस पावन दिन पर रंगो के साथ विशेष पकवान बनाए जाते हैं,हर घर में होली की तैयारीयां पहले से ही शुरु हो जाती है । घरों और बाजारों की रौनक देखते ही बनती है। सभी प्रकार गले शिकवे दूर करके एक दूसरे को रंग लगाते हैं लोग होली पर इतना ही नही होली से एक दिन पहले होलिका की पवित्र आग में जनसामान्य जौ की बाल और शरीर पर लगाए गए सरसों के उबटन को डालते हैं।कहते हैं कि ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है।

दरअसल होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आईए जानते हैं इस बार होली कब मनाई जाएगी और क्या है शुभ मूहर्त-

साल 2019 होलिका दहन 20 मार्च को होगा और 21 मार्च को देश भर में होली मनाई जाएगी। अक्सर होलिका दहन के समय को लेकर उहापोह की स्थिति बनी रहती है ऐसे में आपको बता दें कि इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 20:57 से 00:28 मिनट तक है।

होलिका दहन के पीछे की पौराणिक कथा को हम सब जानते हैं। आपको बता दें कि होली का त्योहार फाल्गुन माह में होलिका दहन से शुरू होता है। जबकि ब्रज धाम में होली महिनो पहले शुरु हो जाती है।

रंगो के इस पवित्र त्योहार होली में आपके जीवन में शांती और खुशहाली आए,हम यही कामना करते हैं।

जानिए कब से लग रहा होलाष्टक, क्यों नहीं होते हैं होलाष्टक में शुभ कार्य,कब से शुरु होंगे शुभ कार्य



संदीप कुमार मिश्र: आज बिरज में होरी रे रसिया...प्रेम और सौहार्द का त्योहार होली...होली को लेकर तमाम सवाल आपके मन में होंगे..चलिए आपको बताते हैं कि हमारे पंचांग और ज्योतिष क्या कहते हैं-
दरअसल ज्योतिष शास्त्र का कहना है कि होली से पहले गुरुवार से ही किसी भी सुभ कार्य पर विराम लग जाता है।आपको बता दें कि 14 मार्च से होलाष्टक लग रहा है।आपको बताते चले कि होलाष्टक होलिका दहन के दिन तक ही रहेगा लेकिन बाद में भी भद्रा लग जाने के कारण किसी भी शुभ कार्य को नहीं करने की सलाह दी गई है।
इस लिहाज से देखें तो चैत्र कृष्ण पक्ष के नवरात्र से ही किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत होगी । नवरात्र से ही शुभ मुहूर्त शुरु होंगे और नव वर्ष चैत्र मास की शुरुआत के साथ 6 अप्रैल इसकी शुरुआत हो जाएगी।हम सब जानते हैं कि नवरात्र में मां दुर् के नौ रुपों की आराधना की जाती है।
कहते हैं कि होलाष्टक में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य फलदायी नहीं होते हैं।शुभ विवाह के मुहूर्त भी 15 अप्रैल से होंगे। 
इस वर्ष 14 मार्च से 20 मार्च तक होलाष्टक का स्पस्ट प्रभाव रहेगा।जिसमें किसी भी प्रकार का मंगल पूजन नहीं किया जाता है। वहीं होलाष्टक खत्म होने के बाद भी भद्रा होने के कारण आगे भी नवरात्र से पहले कोई शुभ कार्य नहीं होंगे।

Friday, 8 March 2019

आतंकिस्तान पर एयर स्ट्राइक का आम चुनाव पर असर !क्या फिर 2019 में मोदी सरकार !!!



संदीप कुमार मिश्र : देश का माहौल एक तरफ अपने वीर जवानो को खोकर गमजदा भी है तो दूसरी तरफ आतंक के माई बाप पाकिस्तान पर धमाकेदार एयर स्ट्राइक कर गर्व भी कर रहा है।130 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा भी हो रहा है।ये तो भारत की सैन्य ताकत है, वहीं कुटनीतिक लिहाज से देखें तो भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की 50 घंटे में ही पाकिस्तान से सकुशल घर वापसी राजनैतिक इच्छाशक्ति और ताकत भी दिखाता है।

ऐसे में सभी सियासी पार्टियां कमर कसकर चुनावी रैलियां करने में जुट गए हैं।साथ ही आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरु हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी तो अपनी चुनावी रैलियों में जिस तरह से राष्ट्रवाद के नारे लगवा रहे हैं उससे साफ हो गया है कि वर्तमान की मोदी सरकार 2019 के चुनावी समर में राष्ट्रवाद के मुद्दे के साथ ही उतरेगी।

अब देश के मिजाज की बात करें तो जनता जनार्दन को लगने लगा है कि देश की रक्षा मोदी सरकार में ही संभव है जिस वजह से कांग्रेस फिलहाल बैक फुट पर नजर आ रही है क्योंकि जिस प्रकार से कांग्रेसी नेताओं के बयान आ रहे हैं उनके द्वारा लगातार एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए जा रहे हैं उससे बीजेपी का लाभ होता ही नजर आ रहा है।लेकिन फिर भी कांग्रेस को लग रहा है कि कुछ दिनों बाद जब सीमा पर तनाव कम हो जाएगा फिर मोदी सरकार को किसान,रोजगार जैसे अन्य मुद्दों पर घेर लिया जाएगा।

अब छोटे दलों की बात करें तो उन्हें गठबंधन और महागठबंधन पर भरोसा है लेकिन बीजेपी के थिंक टैंकों को अच्छी तरह से इस बात का विश्वास है कि इस बार राष्ट्रवाद देशभक्ति के मुद्दे...जातिवाद पर हावी होकर 2019 में एक बार फिर केंद्र की सत्ता पर मोदी सरकार की वापसी करवाएंगे। कमोबेश इस बात की तस्दीक सभी मीडिया चैनल्स और समाचार पत्र भी कर रहे हैं।

दरअसल कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले का जिस प्रकार से हमारी भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर हमला किया, उसके बाद से देश में चुनावी मौसम पूरी तरह से बदल गया है।आज देश भर की एक ही आवाज है पाकिस्तान को करारा जवाब दो। देशवासीयों का यकीन है कि मोदी सरकार ही पाकिस्तान को घुटने पर ला सकती है और झुका सकती है,लोगों को लगने लगा है कि मोदी सरकार ने सेना को जिस प्रकार से खुली छूट दी और सार्थक कुटनीतिक प्रयासों से पाकिस्तान को  दबा दिया है,उसे टमाटर खाने से महरुम करने के साथ ही  उसका दाना पानी तक बंद कर दिया है।इस वजह से पाकिस्तान आगे से भारत में आतंकवादी भेजने से पहले हजार बार सोचेगा।लेकिन कौन कहे कि पाकिस्तान है कुत्ते की पूंछ....खैर,

2019 के चुनावी समर की बात करें तो मोदी सरकार किसानों के खाते में छह हजार रुपये सालाना भेजना और सामान्य वर्ग को दस फीसद आरक्षण देने के साथ मुद्रा, उज्जवला, सौभाग्य, आवास योजना जैसी तमाम अन्य योजनाओं के साथ उतरने वाली थी।मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष भी पूरी तैयारी में था।क्योंकि किसानो के मुद्दे,रोजगार,राफेल और राम मंदिर जैसे तमाम मुद्दों पर बीजेपी बैकफुट पर आ गयी थी।कहा जाने लगा था कि यदि बहुमत नहीं आता है तो मोदी की जगह गडकरी को प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है।इस प्रकार की चर्चा सियासी गलियारों में शुरु हो गई थी।
लेकिन 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद सभी समीकरण बदल गए। पुलवामा में आतंकी हमले को लेकर जिस प्रकार से मोदी सरकार ने कड़ा एक्शन लिया उससे सरकार के प्रति जनता में संतोष भी देखने को मिला और  विपक्ष के माथे पर बल भी। यही वजह है कि विपक्ष लगातार अपनी रणनीति बदलता नजर आ रहा है।

अंतत: इसमें कोई शक नहीं है कि बीजेपी के खेमें में येदियुरप्पा और जूता मार जैसे नेताओं के कड़वे बोल,आचरण बंद रहे तो विपक्ष के वी.के.हरिप्रसाद,सिद्दू,कपिल सिब्बल,और दिग्विजय सिंह जैसे दुर्घटना वाले नेता कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे 2019 में मोदी सरकार बनवाने में.....!!!

वैश्विक बदलावों के बीच भारत: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिकता का समन्वय

 आज का भारत एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहाँ वह अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों को छोड़े बिना आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम महाशक्ति बनने की ओर अ...