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Tuesday, 6 February 2018

हरि कथामृत श्रेष्ठ है या स्वर्ग सुधामृत ?


संदीप कुमार  मिश्र : मित्रों हम कथा किर्तन सत्संग क्यों करते हैं।ये प्रश्न हमारे मन में अवश्य उठता होगा।या फिर इससे लाभ कैसे प्राप्त होता है ये भी।क्योंकि यदि हम मोक्ष और स्वर्ग की कामना करते हैं तो उसे हम पुण्य करके भी प्राप्त कर सकते हैं।अब पुण्य करने के लिए जरुरी थोड़े ही है कि कथा किर्तन का श्रवण करें।वो तो दान पुण्य करके भी किया जा सकता है।
लेकिन मित्रों मानस मर्मज्ञ श्रद्धेय श्री कपूर चन्द्र जी महाराज कहते हैं कि हम कितने भी दान पुण्य कर लें,मन में फिर भी संशय बना ही रहता है,सभी प्रकार की सम्पन्नता रहने पर भी मन व्यथित रहता है...और व्यथा को तो हरि की कथा से ही दूर किया जा सकता हैक्योंकि हमारे धर्म शास्त्रों में कहा गया है, श्रवण मंगलम...जी हां साथियों प्रभु श्रीराम जी की कथा श्रवण करते ही हमारा मंगल हो जाता है,आप कहेंगे कैसे ? तो जिस प्रकार से माता जानकी जी का अशोक वाटिका में हुआ।

।।रामचंद्र गुन बरनै लागा।सुनतहीं सीता कर दुख भागा।।

कहने का भाव है कि जहां राम जी की कथा हमारे कान में प्रवेश की वहीं हमारे हर प्रकार के दुखों का शमन हो जाता है। इसलिए निरंतर ईश्वर का गुणगान और सत्संग करते रहना चाहिए।
अब यहां पर एक प्रश्न आपने मन में ये भी उठता होगा कि हरि कथामृत श्रेष्ठ है या स्वर्ग सुधामृत  ? प्रश्न भी सही है कि आखिर अंत में मनुष्य की कामना स्वर्ग की ही तो होती है फिर हरि कथा क्यों ? अब इसकी परख कैसे होगी ?अब इसके लिए हरि कथामृत और स्वर्ग सुधामृत में एक तुलनात्मक अध्ययन कर लिजिए,एक समिक्षा करके देख लिया जाए कि कौन श्रेष्ठ...अंतर स्वत: स्पष्ट हो जाएगा...।
हरि कथामृत श्रेष्ठ है या स्वर्ग सुधामृत ?
स्वर्ग सुधामृत की क्या विशेषता है- स्वर्ग का सुधामृत उनको प्राप्त होता है, जो बड़े पुण्य आत्मा होते हैं,जब कोई पुण्य आत्मा अपनी नश्वर देह को त्याग करके स्वर्ग में पहुंचते हैं, तब उन्हें स्वर्ग का सुधामृत प्राप्त हो जाता है।लेकिन वहीं हरि कथामृत को पाने के लिए कहते हैं कि स्वर्ग जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती।हमें इसी धराधाम पर रहते हुए वो अमृत प्राप्त हो जाता है।काहें स्वर्ग के चक्कर में पड़ना भई।अच्छा अब दूसरी विशेषता भी जान लिजिए...अपने पुण्य बल पर स्वर्ग में जब देवता जाते हैं तो उनके गले में एक माला पहना दी जाती है।उस माला में ये चमत्कार रहता है कि जब तक आपके पुण्य रहेंगे वो माला हरीभरी रहेगी,और जैसे-जैसे पुण्य क्षीण होते जाएंगे माला सूख जाएगी,और जहां सर्वथा पुण्य समाप्त हो गए कि क्षीणे पुण्ये मृतलोकं विशन्तिपुण्य समाप्त होते ही फिर धरती पर।ऐसे में जब देवताओं की माला सूखने लगती है तो उनकी सूरत भी सूखने लग जाती है, क्योंकि अब उनके स्वर्गलोक से गिरने का समय आ गया।अरे भई पुण्य आत्मा के सारे पुण्य जो क्षीण हो गये।

यकिन मानिए स्वर्ग का जो सुख है ना वो ठीक उस प्रकार से है जैसे जब तक आपके बटुवे में रुपये पैसे हैं तब तक सभी खूब ऐशआराम और जैसे ही रुपये पैसे खत्म हुए वैसे ही वही दरिद्रता वही बेरंग जीवन। ठीक ऐसे ही जितना पुण्य आपका है उतना ही स्वर्ग में सुख है,पुण्य समाप्त तो स्वर्ग से बाहर।
इसलिए देवताओं को स्वर्ग में रहकर भी पुण्य क्षीण होने का निरंतर भय बना रहता है, और पुण्य क्षीण होने पर शोक व्याप्त होने लगता है।एक बात आपको बताएं-शोक, मोह और भय... इन तीनो से ग्रसित और भयभीत रहते हैं सभी देववृंद।

वहीं हरि कथामृत पान करने वाले वैष्णवों,गृहस्थों के जीवन में जब भगवत भक्ति का उदय होने लगता है,जब भगवत प्रेम प्रकट होने लगता है तो शोक,मोह और भय...ये तीनो हरि कथामृत का रसपान करने वाले भक्तों के जीवन से समाप्त हो जाते हैं।यकिन मानिए स्वर्ग सुधामृत शोक, मोह,भय प्रदाता है और हरि कथामृत शोक,मोह,भय को मिटाने वाला है।तो हरि कथामृत शोक मोह और भय का विनाशक है और स्वर्ग सुधामृत शोक मोह भय का प्रदायक है।इसलिए मित्रों हमें निरंतर हरि कथामृत का रसपान करते रहना चाहिए,करते रहना चाहिए।।
।।प्रेम से बोलिए जय श्री कृष्ण।।जय श्री सीताराम।।


Saturday, 3 February 2018

जीवन में अभी कुछ और भी पाना बाकी है


जानिए कर्पूरगौरं मंत्र का अर्थ और आरती के बाद क्यों बोलते हैं कर्पूरगौरं मंत्र...!



संदीप कुमार मिश्र: सनातन संस्कृति में ईश्वर की साधना,आराधना और भक्ति की महत्ता बताई गई है।33 कोटी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना का विधान हमारे धर्म शास्त्रों में बताया गया है।और ऐसे भी मन की शांति के लिए प्रार्थना की आवश्यकता सभी धर्मों में बताई गई है।
अक्सर हम जब मंदिर में जाते हैं या घर में पूजा करते हैं तो देखते हैं कि पूजा के अंत में आरती की जाती है और उसके बाद कर्पूरगौरं मंत्र.... मंत्र विशेष रूप से बोला जाता है lआईए जानते हैं क्या है इस मंत्र का अर्थ और क्या है इसकी महत्ता:
कर्पूरगौरं मंत्र
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।
कर्पूरगौरं मंत्र  का अर्थ
इस मंत्र से शिवजी की स्तुति की जाती है। इसका अर्थ इस प्रकार है-
कर्पूरगौरं- कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले।करुणावतारं- करुणा के जो साक्षात् अवतार हैं।संसारसारं- समस्त सृष्टि के जो सार हैं।भुजगेंद्रहारम्- इस शब्द का अर्थ है जो सांप को हार के रूप में धारण करते हैं। सदा वसतं हृदयाविन्दे भवंभावनी सहितं नमामि- इसका अर्थ है कि जो शिव, पार्वती के साथ सदैव मेरे हृदय में निवास करते हैं, उनको मेरा नमन है।
कहने का भाव है कि-जो कर्पूर जैसे गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं, संसार के सार हैं और भुजंगों का हार धारण करते हैं, वे भगवान शिव माता भवानी सहित मेरे ह्रदय में सदैव निवास करें और उन्हें मेरा नमन है।

कर्पूरगौरं मंत्र ही क्यों...?
दरअसल हमारे धर्म शास्त्रों में कर्पूरगौरम् करुणावतारं….मंत्र बोले जाने के पीछे गूढ़ रहस्य बताये गए हैं। आदिदेव महादेव की ये स्तुति शिव-पार्वती विवाह के समय स्वयं भगवान विष्णु जी के द्वारा गाई गई है, ऐसा कहा जाता है।कहते हैं कि भगवान शिव सबसे निराले हैं,भोलेभंडारी हैं, शमशान वासी हैं, उनका स्वरुप बहुत भयंकर और अघोरी वाला है। लेकिन इस स्तुति में भगवान शिव के स्वरुप को भव्य और दिव्य बताया गया है।

आदिदेव महादेव शिव जी को संपूर्ण सृष्टि का अधिपति कहा गया है,शिव मृत्युलोक के देवता हैं, उन्हें पशुपतिनाथ भी कहा जाता है, पशुपति का अर्थ है कि संसार के जितने भी जीव हैं (मनुष्य सहित), उन सब का अधिपति यानी स्वामी।

इस स्तुति को पूजा के अंत में इसीलिए गाया जाता है कि जो इस समस्त संसार के अधिपति है, वो हमारे आपके मन में वास करे।क्योंकि शिव साक्षात श्मशान वासी हैं, मृत्यु के भय को दूर करने वाले हैं।वो सदाशिव हमारे मन में वास करें,और हमारे मन में व्याप्त  मृत्यु के भय को दूर करें।
!! ऊं नम: शिवाय !!


स्वामीनाथन रिपोर्ट और मोदी सरकार का बज़ट 2018 कनेक्शन :चर्चा में क्यों ?(एक विश्लेषण)


संदीप कुमार मिश्र: मोदी सरकार ने 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले अपना अंतिम पूर्ण बज़ट पेश कर दिया है,जिसपर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।लेकिन इस बार के बज़ट में मोदी सरकार ने देश के करीब साढ़े तेरह करोड़ किसानों को अपने इस बार के बजट में जो सौगात दी हैं। उसे मोदी सरकार आने वाले लोकसभा चुनाव 2019 में अपनी पार्टी बीजेपी के लिए सबसे बड़े दांव के तौर पर देक रही है।

दरअसल जब गुजरात में बीजेपी एक बार फिर से सरकार बनाने में कामयाब रही लेकिन एक बात जो निकलकर सामने आई वो ये कि शहर और गांव के बीच एक बड़ा अंतर आ गया था..मोदी सरकार के करीब जितने शहरी नजर आए उतने ही ग्रामीण भारत के लोग दूर होते नजर आए।जिसका परिणाम था कि गुजरात में बीजेपी ने सरकार तो बना ली लेकिन 99 के फेर में फंस गयी।कारण साफ था...किसानो की नाराजगी....।ये कहीं ना कहीं पीएम नरेंद्र मोदी के लिए सबसे बड़ी चिंता की वजह थी...जिसका परिणाम था शहर और ग्रामीण के बीच की खाई को पाटने के लिए इस बार के बज़ट में किसानो पर विशेष जोर दिया गया लगता है।
यहां पर एक बात जानना और भी बेहद जरुरी है कि जब वित्त मंत्री संसद में बज़ट पेश कर रहे थे तो उनका सबसे ज्यादा समय किसानों की योजनाओं के एलान में ही गया। जिसके बाद चर्चाओं में सबसे ज्यादा चर्चा स्वामीनाथन रिपोर्ट की रही।ऐसे में जानना जरुरी है कि आखिर क्या है स्वामीनाथन रिपोर्ट..?
जानिए क्या है,कौन हैं और कब बनी स्वामीनाथन रिपोर्ट ?
डॉक्टर एम. एस. स्वामीनाथन भारत के मशहूर कृषि वैज्ञानिक हैं और उन्हें हरित क्रांति का जनक कहा जाता है। स्वामीनाथन ने खाद्यान में देश को आत्मनिर्भर बनाया है। स्वामीनाथन को पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।भारत में हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने भारत में कृषि क्षेत्र की हालत बेहतर बनाने पर जोर दिया,जिसके परिणामस्वरुप नवंबर 2004 में यूपीए सरकार ने प्रोफेसर स्वामीनाथन की अध्यक्षता में 'नेशनल कमीशन ऑन फारमर्स' बनाया था। दो सालों में इस कमेटी ने छह रिपोर्ट तैयार किये। इस रिपोर्ट में 'तेज और संयुक्त विकास' की बात कही गई।
(अब ऐसे में सवाल उठता है कि जो काम उस समय की यूपीए सरकार नहीं कर पाई थी,क्या उसे मोदी सरकार ने कर दिखाया ? क्या हकिकत में मोदी सरकार ने स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया ? क्योंकि सरकार का दावा हैं कि बजट में एमएसपी को डेढ़ गुनाकर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कर दीं गई हैं.)

लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है ? क्या कहती है रिपोर्ट ?

स्वामीनाथन रिपोर्ट कहती है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) किसान की लागत में 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर तय किया जाना चाहिए।जिसे मोदी सरकार ने इस बजट (2018) में लागू कर दिया।
क्या कहती है रिपोर्ट ? स्वामीनाथन रिपोर्ट कहती है कि किसानो को खेती के लिए सही मात्रा में पानी मिले। इस लक्ष्य से पंचवर्षीय योजनाओं में ज्यादा धन आवंटन हो।
मोदी सरकार ने क्या किया ? सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में बजट आवंटित किया गया है जिससे 'हर खेत पानी' पहुंचाने का  लक्ष्य है।
क्या कहती है रिपोर्ट ? स्वामीनाथन रिपोर्ट कहती है कि प्राकृतिक आपदाओं में बचाने के लिए कृषि राहत फंड बनाया जाए
मोदी सरकार ने क्या किया ? मोदी सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को मजबूत बनाया गया है।
क्या कहती है रिपोर्ट? स्वामीनाथन रिपोर्ट कहती है कि सस्ती दरों पर क्रॉप लोन मिले।
मोदी सरकार ने क्या किया ?सरकार का कहना है कि चार फीसदी रियायती ब्याज दर पर तीन लाख रुपए तक लोन देने का फैसला किया गया है।
क्या कहती है रिपोर्ट ? स्वामीनाथन रिपोर्ट कहती है कि मृदा जांच एवं उत्पादकता बढाने की तकनीक को लाया जाए।
मोदी सरकार का कहना है कि सॉयल हेल्थ कार्ड के माध्यम से मृदा की जांच करके, अत्यधिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश की गई है।
ऐसे में सवाल ये है कि क्या मोदी सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट को किसानो के हित में लागू कर पाई है ?
आपको बता दें कि सरकार के दावों पर खुद स्वामीनाथन ने मुहर लगा दी है। प्रोफेसर स्वामीनाथन का कहना है कि, ''मुझे खुशी हैं कि मेरी सिफारिशें लागू की गईं, ये देर से उठाया गया सही कदम है.'' इससे साफ है कि  सरकार ने आयोग की ये सिफारिशें मान ली है और बाकी सिफारिशों की दिशा में प्रयास किया।
अंतत: किसानो की बेहतरी की बात मोदी सरकार ने अपने 2014 के चुनावी घोषणापत्र में भी की थी,जिसे धीरे-धीरे ही सही लेकिन सरकार उस दिशा में बढ़ती हुई नजर आयी।देखना दिलचस्प होगा कि किसानो के हित में मोदी सरकार इन योजना का लाभ किसानो तक कब तक पहुंचा पाती है।क्योंकि चुनाव सिर पर है और मोदी सरकार जरुर सत्ता में बनी रहना चाहेगी,जिसकी बागडोर देश के किसानो के हाथ में हैं क्योंकि भारत की आत्मा तो गांवो में ही निवास करती है और वोट भी......!!!


Thursday, 1 February 2018

बजट इंडिया का 2018, भाग-6 : जाने बज़ट में क्या रहा खास



संदीप कुमार मिश्र: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में बजट पेश किया. जानिए बजट में क्या रहा खास:
बज़ट इंडिया का 2018, भाग-1: जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/1qUxrS

देश का बज़ट 2018 : बजट के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा आप भी जाने: https://goo.gl/4VPH7a
शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया. आपके हर बिल पर टैक्स बढ़ गया है.31 जनवरी 2018 के बाद खरीदे शेयरों पर 10 फीसदी टैक्स, बुजुर्गों के लिए FD, RD पर ब्याज टैक्स फ्री, इस साल 700 नए रेल इंजन तैयार किए जाएंगे,
बजट इंडिया का 2018, भाग-5 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/xLZAG5

बजट इंडिया का 2018, भाग-4 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/ikdHph
वरिष्ठ नागरिकों को डिपॉजिट पर राहत दी जाएगी, डिपॉजिट पर छूट 10 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए हुई, डिपॉजिट पर छूट 10 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए हुई, 40 हजार रुपए तक स्टैंडर्ड डिडेक्शन मिलेगा, स्टैंडर्ड डिडेक्शन की फिर से शुरुआत होगी, TV पर 15 फीसदी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई, 1 लाख से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 फीसदी टैक्स।

ई असेसमेंट स्कीम पूरे देश में लागू होगी, मोबाइल फोन पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई,  बजट के बीच सेंसेक्स में भारी गिरावट, 438 प्वाइंट नीचे गया बाजार, मोबाइल, टीवी के अलावा अन्य चीज़ों पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई, सैलरीड क्लास को स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा देने से राजस्व में आएगी 8,000 करोड़ रुपये की कमी।
बजट इंडिया का 2018, भाग-3 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/edEQju

बज़ट इंडिया का 2018, भाग-2 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/hko9Sg

क्रमश: अगले भाग में जानिए कि वित्त मंत्री जी ने और क्या कहा.......



बजट इंडिया का 2018, भाग-5 : जाने बज़ट में क्या रहा खास



संदीप कुमार मिश्र: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में बजट पेश किया. जानिए बजट में क्या रहा खास:

बज़ट इंडिया का 2018, भाग-1: जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/1qUxrS

देश का बज़ट 2018 : बजट के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा आप भी जाने: https://goo.gl/4VPH7a

 राष्ट्रपति-गवर्नर की सैलरी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव,  उपराष्ट्रपति की सैलरी बढ़ाने का भी प्रस्ताव,    2018 के लिए नई रक्षा नीति का ऐलान, प्रधानमंत्री की भी सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव, सांसदों का वेतन तय करने के लिए नया कानून। हर 5 साल में होगी सांसदों के वेतन की समीक्षा,    बिटकॉइन जैसी करेंसी देश में नहीं चलेगी, RBI एक्ट में संशोधन किया जाएगा ,  कई सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में लाया जाएगा,  सरकारी कंपनियों के शेयरों को बेचकर 2018-19 में 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य।

बजट इंडिया का 2018, भाग-3 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/edEQju

बज़ट इंडिया का 2018, भाग-2 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/hko9Sg

 RBI एक्ट में संशोधन किया जाएगा, कई सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में लाया जाएगा,    रक्षा क्षेत्र में विनिवेश का रास्ता खुलेगा, कंपनियों की विनिवेश से 1 लाख करोड़ जुटाएंगे,  हर कारोबार को UID दी जाएगी,रेलवे की बेकार पड़ी जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा,स्टेशनों पर वाई-फाई, सीसीटीवी पर जोर, 600 नए हवाई अड्डे बनाने की योजना,1 लाख ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाया जाएगा, 2.5 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड को बढ़ावा दिया जाएगा, हवाई चप्पल वाले भी अब हवाई यात्रा कर सकेंगे, सरकारी खजाने को तगड़ा घाटा हुआ है।

बजट इंडिया का 2018, भाग-4 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/ikdHph

बजट इंडिया का 2018, भाग-6 : जाने बज़ट में क्या रहा खास: https://goo.gl/r6tfW2

मुंबई में 90 किमी. रेल पटरी का विस्तार, मुंबई लोकल के दायरे को बढ़ाया जाएगा,   क्रिप्टोकरंसीज के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उठाएंगे कदम। पेमेंट सिस्टम्स में होगा ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी का यूज, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 5.22 करोड़ परिवारों को मिला फायदा,  कालेधन के खिलाफ मुहिम से टैक्स कलेक्शन में हुआ 90,000 करोड़ रुपये का इजाफा,    टैक्स देने वाले लोगों की संख्या में 19.25 लाख का हुआ इजाफा,  नोटबंदी से 1000 करोड़ का टैक्स आया।


देश का बज़ट 2018 : बजट के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा आप भी जानेhttps://goo.gl/4VPH7a

टैक्स देने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, टैक्स देने वालों की संख्या 20 लाख के पास पहुंची,  100 करोड़ टर्नओवर वाली कृषि कंपनियों पर टैक्स नहीं, कालेधन के खिलाफ लड़ाई का देश को फायदा हुआ,250 करोड़ की कंपनियां 25 फीसदी टैक्स दायरे में, सैलरीड क्लास को लगा झटका। इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं मिली। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं,  नए कर्मचारियों के EPF में सरकार देगी योगदान।
क्रमश: अगले भाग में जानिए कि वित्त मंत्री जी ने और क्या कहा.......



वैश्विक बदलावों के बीच भारत: सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और आधुनिकता का समन्वय

 आज का भारत एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है जहाँ वह अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों को छोड़े बिना आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम महाशक्ति बनने की ओर अ...