Sunday, 10 January 2016

सैनिकों जैसी वर्दी ना पहनें नागरिक, सेना की अपील


संदीप कुमार मिश्र: जिस प्रकार से पठानकोट हमले में आतंकियों ने हमारी भारतीय सेना की वर्दी का इस्तेमाल किया था,उसके बाद से सेना ने देस के आम नागरिकों सेये अपील की है कि वो सेना की वर्दी या पिर उससे मिलजे जुलते कपड़े ना पहने।वहीं सेना ने दुकानदारों से भी ये अपील की है कि वे भी आम नागरिकों को इस तरह के कपड़े बेचने से बचे।जिस प्कार से आतंकियों ने हमारी सोना की वर्दी का गलत इस्तेमाल कर उसका दुरुपयोग किया है,इस लिहाज से जरुरी है कि आम आदमी सेना की वर्दी पहनने से बचे और लोगों को भी जागरुक करे,जिससे किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।जैसा की पठानकोट हमले के बाद सेना ने भविष्य में किसी भी प्रकार के आतंकी हमलों से बचने और आतंकवाद के साथ मुकाबला करने के लिए एक ताजा दिशा-निर्देश में यह हर आमो खास से ये अपील की है।

दरअसल जिस प्रकार से सेना की वर्दी पहनकर आतंकियों ने पठानकोट में हमला किया उससे कहीं ना कहीं पहचान की मुश्किल खड़ी हो जाती है। सेना की वर्दी से लोगों में अक्सर  गलतफहमी होती देखी  गई है और इसी का फायदा आतंकी-अपराधी उठाते हैं और देश को क्षति पहुंचाते हैं,जैसा की हाल की घटनाओं में देखने को मिला।इसी लिहाज से हमारी भारतीय सेना ने सुरक्षाबलों और पूर्व सैन्यकर्मियों के परिवारों के साथ ही उनके रिश्तेदारों से भी अपील की है कि वे सेना की वर्दी या फिर इससे जुड़ा कोई भी सामान इस्तेमाल में ना लाएं।साथ ही सेना ने पुलिस और प्रशासन से भी ये कहा है कि वे भी इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें और उन्हे सचेत करें,जिससे किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

हमें इस बात को भी जानना बेहद जरुरी है कि सेना की वर्दी से मिलते-जुलते कपड़े खरीदना और बेचना दोनो ही कानूनन अपराध है। इसलिए जो भी व्यापारी और दुकानदार सेना की वर्दी बेचना चाहते हैं उन्हें स्थानीय सैन्य प्रशासन और अधिकारियों से संपर्क कर सेना की दुकानों व मान्यता प्राप्त जगहों में ही इन वर्दियों को बेचने की अनुमति मांगनी चाहिए।और बाकायदा अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें सेना की वर्दी बेचनी चाहिए।क्योंकि बीना स्विकृती के सेना की वर्दी बेचना गैरकानूनी है।इसलिए इस दिशानिर्देश को जनहित में जारी किया गया है।जिसका मकसद आतंकी हमलों से देश की सुरक्षा है।ऐसे करने से हम किसी भी प्रकार के संकट से बच सकते हैं।


इसके लिए जरुरी ये भी है कि जब मामला देश के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा हो तो 'हम  युवाओं को भी सोशल मीडिया के द्वारा इस विषय में अधिक-से-अधिक लोगों को जागरूक करना चाहिए।देश के सभी युवा मिलकर सेना की वर्दी-उपकरण के गलत और बेजा इस्तेमाल के खिलाफ एक जन अभियान शुरू करें।ये अपील सेना भी हमारे देश के युवाओं से करती है,जिसका हमें हर हाल में पालन करना चाहिए और लोगों को सजग करना चाहिए।

दोस्तों पठानकोट में आतंकियों के मंसूबे को तो हमारे जवानों ने नाकाम कर दिया। लेकिन कई बार ऐसी भी वारदातें देखने को मिलती हैं, जहां आम नागरिकों द्वारा सेना की वर्दी के इस्तेमाल के कारण गलत संदेश जाता है, और असुविधा की स्थिति पैदा हो जाती है। सेना ने आम जनता से आतंक के खिलाफ मोर्चे में सेना व सुरक्षाबलों का साथ देने की अपील की। सेना ने आम जनता से चौंकन्ना रहकर सेना व सुरक्षाबलों की मदद करने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति के खिलाफ तत्काल जानकारी देने की भी अपील की।

हमारी सेना के एक अधिकारी ने ये भी कहा कि, 'आम जनता को इस कारण जो असुविधा उठानी पड़ रही है, उसके लिए हमें खेद है, लेकिन लोगों की सुरक्षा व सलामती के लिए हमें ऐसे कदम उठाने की जरूरत है।' सेना ने लोगों से देशहित व जनहित में इन दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

अंतत: जी हां दोस्तों ये जरुरी है कि सिर्फ सेना ही नहीं इस देश के सम्मानित नागरिक होने के नाते हम अपने जवानो का जिस भी प्रकार से सहयोग कर सकें जरुर करें,क्योंकि देशभक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं,कभी नहीं।हमारी मातृभूमि की सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी है।इसलिए हम सब वचन लें कि अपने सेना की वर्दी का दुरुपयोग हम ना करेंगे ना होने देंगे।
।।जय हिन्द,जय भारत।।