Wednesday, 9 December 2015

हेराल्ड के जिन्न ने कांग्रेस को बनाया असहिष्णु...!


संदीप कुमार मिश्र : दोस्तों ये कहना तो ठीक नहीं लगता लेकिन कहना तो पड़ेगा ही कि जब संसद में भी शोर हंगामा बरपने लगे और जनता की गाढ़ी कमाई पानी की तरह बाया जाए तो तकलीप तो होगी ही।दरअसल आपको याद होगा कि बिहार चुनाव से शुरु हुआ असहिष्णुता का पिछले दिनों काफी सुर्खीयों में रहा।लेकिन अब कुछ शांत हो गया है,क्योंकि फिलहाल किसी राज्य में चुनाव नहीं हैं,लेकिन उस वक्त विपक्ष ने मोदी सरकार पर एक के बाद एक अनेकों शब्दों के व्यंग वाण छोड़े जो अब भी सुनने को मिल यदा कदा मिल ही जाती है।मोदी सरकार पर लगातार आरोप लगते रहे कि नई सरकार बनने के बाद देश में असहिष्णुता बढ़ी है।

लेकिन अफसोस की जिस पार्टी ने असहिष्णुता पर सबसे ज्यादा देश में बवाल काटा वो थी कांग्रेस। जो अब खुद सबसे बड़ी असहिष्णु होती नजर आ रही है।अब संसद में जिस तरह का हंगामा चल रहा है उसे देखकर तो यही कहा जाएगा।अब ऐसा क्यों कहना पड़ रहा है ये भी जान लिजिए।दरअसल नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके सुपुत्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी की याचिका हाईकोर्ट में खारिज क्या हुई साब पूरी की पूरी कांग्रेस पार्टी झल्ला उठी। अब साब याचिका खारिज होने का मतलब तो आपर जानते हैं कि सोनिया गांधी और राहुल बाबा को कोर्ट में पेश होना होगा। आप सोच सकते हैं कि आखिर गांधी परिवार कैसे कोर्ट में हाजिर होता,बस फिर क्या था,कांग्रेस पार्टी का असहिष्णु चेहरा सामने आ गया।जो दूसरे को तो असहिष्णु बताते हैं लेकिन जब बात अपने पर आती है तो बसससससस...।

समझ में नहीं आता कि जब खुद कोर्ट में पेश होने की बारी आई तो केंद्र सरकार पर आपने आरोप लगा दिया की ये सब बदले की भावना से किया जा रहा है।अब भईया थोड़ी सी जो हमारी जानकारी है वो तो यही कहती है कि कोर्ट के काम में किसी सरकार का दखल नहीं होता है जी। इस देश में सबसे ज्यादा सत्ता का सुख कांग्रेस ने ही उठाया इसलिए समस्त कांग्रेसीयों को ये बात तो मालूम ही होनी चाहिए...ना जाने क्यूं कांग्रेसी नेताओं को अब लगने लगा कि ये बदले की भावना से की गई कार्यवाही है...।मोदी सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप मढ़ कर साब आपने तो संसद में खुब हंगामा काटा और काट रे हैं क्योंकि संसद की कार्यवाही में लगने वाला धन आपकी जेब से तो जाता नहीं है।मजे की बात तो ये है कि जब राहुल बाबा तमिलनाडु में बाढ़ पीड़ितों के हाल जानने गए तो वहां भी बात बाढ़ पीड़ितो की बात करने की बडाय सरकार पर आरोप मढ़ने लगे कि बदले की भावना से की जा रही कार्यवाही है।अजी साब समय काल और परिस्थिति तो देख लेते।आप कहां है किस लिए गए है क्या वहां बदले की भावना की बात करना जरुरू था क्या...या फिर आपने सोच लिया था कि 44 से 4 अच्छे हैं के लिए आप तैयारी कर रहे हैं।

अंतत: समस्त कांग्रेसियों से करबद्ध प्रार्थना करता है ये देश कि संसद की कार्यवाही में बाधक ना बनें और संसद,संविधान का सम्मान आप भी करें,क्योंकि आप भी उसी दायरे में हैं जिसमें हम सब भारतीय।

कांग्रेस के लिए दोस्तों क्या कहना गलत होगा कि 
असहिष्णुता के पैरोकार वालों आप तो बड़े असहिष्णु हैं जी...!