Saturday, 26 December 2015

2015 : विश्व के लिए हादसों भरा साल


संदीक कुमार मिश्र :  साल दर साल विश्व विकास के नए नए किर्तिमान स्थापित कर रहा है।साल 2015 भी कुछ अच्छी यादों के लिए जाना जाएगा तो कुछ कड़वी और दिल दहला देने वाली यादों के लिए भी।जी हां 2015 में विस्व में कुच ऐसी धटनाएं हुई जो भुलाए नहीं भुलेंगी।अपने से अपनो के दुर होने का गम हमेशा कुछ लोगो को ही नहीं मानवता को सालता रहेगा...। कुछ बड़े हादसे जिसने 2015 पर लगा दिए डर और दहशत के दाग।जानते हैं-

पेरिस में चार्ली एब्दो के दफ्तर पर हमला


दोस्तों साल 2015 का आगाज हुआ और विश्व के हर हिस्से में नए साल का स्वागत किया गया।लेकिन फ्रांस की राजधानी पेरिस में 7 जनवरी 2015 को ही मानवता के दुश्मन कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने व्यंग्य-पत्रिका 'चार्ली एब्दो' के दफ्तर पर हमला कर दिया।इस क्रुर हमले में 12 लोग जींदगी रहते मौत की नींद सो गए और कई गंभीर रुप से घायल हुए।इस हमले में चार्ली-एब्दो के संपादक स्टीफन चारबोनियर की भी मौत हो गई। मित्रों इस क्रुर हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली ।

भूकंप से दहला नेपाल


बेहद शांत और चैन से रहने वाले देश नेपाल के लिए साल 2015 इतना बुरा रहा कि जनहानी से लेकर धनहानी लेकर आया। दरअसल 25 अप्रैल को आए भूकंप ने नेपाल को दहला कर रख दिया।भूकंप के ये झटके से पड़ोसी देशों में भी महसूस किए गए। आपको बता दें कि नेपाल में आये भूकम्प की तीव्रता 8.1 मापी गई। नेपाल में आए इस खतरनाक भूकंप से अनेको प्राचीन ऐतिहासिक मंदिर और इमारतें बर्बाद हो गईं।कहते हैं सन 1934 के बाद पहली बार नेपाल में इतना प्रचंड तीव्रता वाला भूकम्प आया था। इस भयंकर भूकंप में तकरिबन 8000 से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।जबकि 2000 हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।इस भूकंप का असर इतना ज्यादा था कि इसका प्रभाव चीन, भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी देखने को मिला।जबकि अन्य देशों में इस भूकंप से लगभग 250 लोगों की मौत हो गई थी।नेपाल में आये भूकंप के कारण ही एवरेस्ट पर्वत पर हिमस्खलन हो गया,और 17 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी।

सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान हादसा


हर साल हज की यात्रा पर लाखों लोग जाते है ।लेकिन सऊदी अरब में साल 2015 की हज यात्रा के बीच मीना में शैतान को कंकड़ी मारने की रस्म के दौरान भगदड़ मची और तकरिबन 750 लोग मारे गए। इन मरने वालों में 14 भारतीय भी थे।आंकड़ों की माने तो हज पर हुए हादसों में ये दूसरा सबसे बड़ा हादसा था।इससे पहले 1990 में हुए हादसे में 1,426 लोग मारे गए थे। एक आंकडे के अनुसार बीते 25 साल में हजयात्रा के दौरान होने वाली भगदड़ की घटनाओं में अब तक 2700 से ज्यादा हज यात्रियों की मौत चुकी है।जो चिंता का विषय है।

मिस्र में हुआ रूसी विमान हादसा


एक और बड़े हादसे ने हर किसी को सकते में डाल दिया।दरअसल रशियन एयरलाइन मेट्रोजेट की उड़ान संख्या KGL 9268 मिस्र में क्रैश हो गई थी।हादसे के दौरान प्लेन मिस्र के लाल सागर के किनारे मौजूद खूबसूरत एयरपोर्ट पर कुछ देर रूकने के बाद फिर से सेंट पीटरबर्ग जाने के लिए हवा में उड़ने लगा था। टेकऑफ के बाद अगले चंद मिनटों में ही प्लेन करीब 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। लेकिन ठीक 23 मिनट बाद अचानक प्लेन का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल(ATC) से टूट गया। विमान का आखिरी संपर्क तुर्की ATC से हुआ था। जिस दौरान ये हादसा हुआ,उस वक्त विमान के रूट और उससे लगे सभी ATC को खंगाला गया,लेकिन विमान का कोई सुराग नहीं मिला। जहां विमान का संपर्क टूटा था, उन इलाकों की सेना को भी अलर्ट कर दिया गया था।पता चला कि रूसी प्लेन एटीसी से संपर्क खोने के बाद मिस्र में सिनाई की पहाड़ियों में जा गिरा।जिसके बाद आसपास की आबादी ने इस प्लेन क्रैश की खबर सरकारी अधिकारियों को दी।जब मौके पर पहुंचे बचाव दल के सदस्य हवाई जहाज का मलबा देखे तो हैरान रह गए, क्योंकि प्लेन का मलबा पूरे नौ किलोमीटर के इलाके में बिखरा पड़ा था।आपको बता दें कि विमान हादसे के कुछ ही घंटे बाद ISIS ने ये दावा किया कि रूस के यात्री विमान को उसी ने मार गिराया है।इस हादसे में सैकड़ों को जान गंवानी पड़ी।

साल के आखिरी पड़ाव पर फिर पेरिस में हमला


साल 2015 अपने अंतिम पड़ाव पर था।उम्मीद की जा रही थी कि अब विश्व में शांति बनी रहेगी लेकिन फ्रांस की राजधानी पेरिस 13 नवंबर को एक बार फिर धमाकों से गूंज से दहल उठी।दरअसल पेरिस में एक बार फिर आतंकि हमला हुआ था।इस दिलदहला देनेवाले गोलीबारी और धमाकों में 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे।आतंकी एक साथ कई जगहों पर हमला किए,इस हिंसक घटनाओं की वजह से फ्रांस की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया।साथ ही पेरिस में इमरजेंसी का ऐलान भी कर दिया गया था।



अंतत: मित्रों इसके अलावा भी साल 2015 में कई घटनाएं सुर्खियों में रही।आतंक का खौफ विश्व के सभी देशों में बना रहा।मानवता का क्रुर दुश्मन बनकर ISIS नाम का आतंकी संगठन उभरा।जिसपर लगाम लगाने के लिए विश्व की सभी बड़ी शक्तियां एक साथ आईं।उम्मीद की जानी चाहिए साल 2016 में मानवता का विकास होगा और आतंकी वारदातों में कमी आएगी।